कोरोना काल में डाक्टर की सलाह: किडनी मरीजों को दोहरी सतर्कता जरूरी, क्योंकि गर्मी खतरनाक साबित हो सकती है

0
2


फरीदाबाद21 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

फरीदाबाद। वरिष्ठ नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. जितेंद्र कुमार

कोरोना महामारी में भीषण गर्मी किडनी रोगियों के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। इसलिए किडनी की समस्या से जूझ रहे मरीजों को दोहरी सतर्कता बरतने की जरूरत है। यह बात सेक्टर-16 के मेट्रो अस्पताल के वरिष्ठ नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. जितेंद्र कुमार ने कही। वे जागरुकता सेमिनार को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कोरोना के संक्रमण में फेफड़ों के बाद सबसे बड़ा दुष्प्रभाव किडनी पर ही देखा जा रहा है। वहीं गर्मी के मौसम में शरीर में पानी की कमी होने से किडनी पर अतिरिक्त भार आ जाता है। इससे किडनी संबंधी बीमारियां बढ़ जाती हैं। इसलिए सतर्क रहें। कोई भी दिक्कत होने पर तुरंत डॉक्टर से जांच कराएं।

डॉ. जितेंद्र ने कहा कि कोरोना में करीब 40 से 50 प्रतिशत मरीजों ‌के यूरिन में प्रोटीन के लक्षण देखे गए हैं और 10 प्रतिशत केस में किडनी की कमजोरी देखी गई है। ऐसा भी देखा गया है कि जिनकी किडनी पहले से ‌कमजोर थी। उसमें कोरोना और भयावक रूप ले लेता है। किडनी की कमजोरी भी कोरोना के कारण बढ़ जाती है। पोस्ट कोविड के बाद हम फंगस इंफेक्शन के बारे में सुन रहे हैं। फंगस के इंफेक्शन के विषाणु के कारण भी किडनी पर बुरा असर पड़ता है। ब्लैक फंगस की दवाइयों का भी किडनी मरीजों पर बुरा असर देखने को मिला है। इसके अवाला जो ब्लैक फंगस की दवाइयां हैं। इनका भी किडनी पर असर देखने को मिला है। इसके साथ ही कोविड के अन्य लक्षणों में भूख-प्यास का न लगना, कमजोरी होना आम बात है लेकिन गर्मी के मौसम में शरीर में पानी की मात्रा कम हो गई तो डिहाइड्रेशन की संभावना काफी बढ़ जाती है। अस्पताल में ऐसे अनेक मरीज जांच के लिए आ रहे हैं।

खबरें और भी हैं…



Source link

Advertisement

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here