किसान आंदोलन: ठंड से बचने के इंतजामों को देखा और फोर्स से की बातचीत, बोले- यहां पर सब नॉर्मल है

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नई दिल्ली2 घंटे पहले

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सिंघु बॉर्डर पर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की कतार।

  • पुलिस आयुक्त ने लिया सिंघू बॉर्डर पर हालातों का जायजा
  • सिंघु बॉर्डर पर सुरक्षा एजेंसियों ने भी अपने तौर पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर रखे हैं

सिंघु बॉर्डर पर किसान आंदोलन को शनिवार को एक महीना पूरा हो गया। सरकार और किसानों के बीच कृषि कानून को लेकर गतिरोध जस का तस बना हुआ है। सुरक्षा एजेंसियों ने भी अपने तौर पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर रखे हैं। शनिवार की शाम को सुरक्षा का जायजा लेने के लिए दिल्ली पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव सिंधू बॉर्डर पहुंचे।

वहां पर तैनात सुरक्षाकर्मियों और अधिकारियों से मिले। जिसने हालातों के बारे में बातचीत की। उनसे कुछ बातें भी शेयर की। साथ ही कई पुलिसकर्मियों से बात करके उनका हौंसला अफजाई की। उन्होंने बताया कि सिंधू बॉर्डर पर आना, उनका मकसद अपनी फोर्स से मिलना था, जो पिछले काफी समय से डटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि यहां पर सब नॉर्मल है।

किसी प्रकार का कोई अंदेशा नही है कि यहां पर कुछ होगा। हमारी फोर्स पूरी तरह से सतर्क है। यहां पर किसान आए हुए हैं और बैठे हुए हैं। लॉ एंड आर्डर का पूरी तरह से इंतेजाम है। स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पुलिस आयुक्त ने पुलिस के बैठने की जगह का भी मुआयना किया।

इस बीच रात होने वाली ठंड में फोर्स के लिए किस तरह के इंतजाम है, उनको भी देखा। हरियाणा व दिल्ली पुलिस का आपस में कोआर्डिनेशन होता है, समय-समय पर एक दूसरे से बातें होती हैं।

ड्यूटी के दौरान किसी प्रकार की कोताही ना बरतने के निर्देश
नई दिल्ली. न्यू ईयर और 26 जनवरी के कार्यक्रम को देखते हुए बॉर्डर पर फोर्स की तैनाती की गई है, ताकि किसी प्रकार का कोई उपद्रव ना हो। किसानों की संख्या लगातार बढ़ रही है लेकिन इन सब बातों को देखते हुए बॉर्डर पर पर्याप्त फोर्स है और जरूरत पड़ने पर यहां पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती भी की जाएगी।

अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को आंदोलन के दौरान ड्यूटी पर आ रही समस्याओं के बारे में जाना, साथ ही पुलिस अधिकारियों को अलर्ट करते हुए कहा कि दिल्ली में और आंदोलन करने के लिए किसान नहीं आने चाहिए। जिससे दिल्ली में अव्यवस्था हो सकती है।

जवान और किसान दोनों एक दूसरे के सामने मोर्चे पर डटे हुए हैं। लगातार किसान नेताओं के सरकार से बातचीत जारी है, लेकिन अभी तक कोई नतीजा नहीं निकलने की वजह से जवान और किसान एक दूसरे के सामने सर्द रातों में मोर्चे पर खड़े हुए हैं।

कृषि कानूनों को मिल रहा है देशभर के किसानों का समर्थन: अलका गूर्जर

नई दिल्ली | केन्द्र सरकार द्वारा लागू किए गए तीन कृषि कानूनों के समर्थन में शनिवार को घेवड़ा मोड़ के रोज गार्डन में आयोजित किसान महापंचायत को राष्ट्रीय मंत्री व दिल्ली भाजपा सह-प्रभारी डॉ अलका गुर्जर और नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने संबोधित किया। उन्होंने कृषि कानूनों से किसानों के जीवन में आने वाले सकारात्मक परिवर्तन से अवगत कराया।

इस अवसर पर प्रदेश संगठन महामंत्री सिद्धार्थन, प्रदेश महामंत्री कुलजीत सिंह चहल, प्रदेश किसान मोर्चा अध्यक्ष विनोद सहरावत, नेफेड डायरेक्टर व जिला प्रभारी बाहरी दिल्ली अशोक ठाकुर सहित कई गांव के प्रधान व किसान उपस्थित थे।

राष्ट्रीय मंत्री व दिल्ली भाजपा सह.प्रभारी डॉ अलका गुर्जर ने कहा कि तीनों नए कृषि कानून वर्षों से आढ़तियों और बिचौलियों के द्वारा दबाए जा रहे किसानों को उनका हक दिलाएंगे। किसान द्वारा किए गए करार में सिर्फ फसल का अनुबंध होगा।



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