किसान आंदोलन: ठंड और बारिश से हमारा नहीं सरकार का गिर रहा है मनोबल : किसान

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नई दिल्ली2 घंटे पहले

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  • शनिवार और रविवार को सिंधू बॉर्डर से सटे साफियाबाद बॉर्डर पर आंदोलनकारियों की आवाजाही बढ़ी

सिंघू बॉर्डर पर रविवार को खिली धूप देखकर किसानों का कहना था कि वाहे गुरु भी हमारे साथ है। वहीं हमारी परीक्षा ले रहा है। शनिवार को हल्की बूंदाबांदी और अचानक ठंड हो गई थी, लेकिन रविवार को धूप निकली है। किसानों का मनोबल कृषि बिल को लेकर काफी ऊंचा है।

वह किसी भी ठंड बारिश से नहीं गिरेगा। जबकि सरकार का मानसिक मनोबल जरूर हमारे सामने गिर रहा है, वह हमारी नहीं अपनी सीट की चिंता करे। किसानों ने साफतौर पर कह रखा है कृषि कानून वापस लेने के अलावा किसी भी समझौते पर वह आंदोलन खत्म नहीं करने वाले हैं।

शनिवार और रविवार को सिंधू बॉर्डर से सटे साफियाबाद बॉर्डर पर आंदोलनकारियों की आवाजाही को बढ़ते हुए देखा गया। जिसकी जानकारी स्पेशल ब्रांच अधिकारियों ने आला अधिकारियों को दी। जिसके बाद यहां पर पुलिस फोर्स की तैनाती को बढ़ाने के लिए विचार विमर्श किया जा रहा है। सिंघू बॉर्डर पर तैनात पुलिस के आला अधिकारियों ने बताया कि उनका ध्यान अब बॉर्डर से सटे अन्य बॉर्डर पर भी है।

कई जगह कीचड़, बीमारी फैलने का डर

सिंघू बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन में भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है। दूसरी तरफ काफी जगह पर अब कीचड़ दिखाई देने लगी है। यह कीचड़ वहीं पर ज्यादा दिखाई दे रही है, जहां पर पानी के टैंकर खड़े हैं। पानी की कोई निकासी की जगह नहीं होने से यह परेशानी हो रही है।

पटियाला से आए सतबीर राणा ने बताया कि इसका ध्यान रखने की कोशिश है। सरकार तो मुंह मोड़कर बैठी है। कोई सहायता नहीं मिल रही है। इसलिए वह खुद ही इसका समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं। इसके अलावा यहां पर मच्छर पैदा होने की संभावना को देखते हुए कीट नाशक दवाई का छिड़काव एक दिन तीन से चार बार किया जा रहा है।



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