किसान आंदोलन: कोरोना का प्रकोप कम होते ही धरना स्थल पर बढ़ने लगी किसानों की संख्या; कहा, नए कृषि कानूनों को निरस्त होने से कम पर समझौता नहीं होगा

0
2


पलवलएक मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

पलवल। नए कृषि कानूनों के विरोध की फिर से बनाई जा रही रणनीति।

नेशनल हाईवे के अंटोहा चौक पर किसान संघर्ष समिति के नेतृत्व में नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का धरना जारी है। उनका कहना है कि नए कृषि कानूनों को रद्द करने से कम उनकी कोई मांग नहीं। कोरोना का प्रकोप कम होते ही धरना स्थल पर किसानों की संख्या बढ़ने लगी है। गुरुवार को किसानों ने गांव-गांव जाकर जनसंपर्क अभियान भी शुरू कर दिया। अभियान के दौरान किसान नेताओं ने ग्रामीणों से किसान आंदोलन में हिस्सा लेने की अपील की।

धरने में किसान नेता महेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि नीति आयोग ने बयान दिया है कि किसानों को सरकार के साथ बातचीत फिर से शुरू करनी चाहिए और कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग के बजाए खामियों को दुरुस्त कराने पर बल देना चाहिए। किसान नेता ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा ने सरकार से वार्ता का प्रस्ताव जरूर भेजा है, लेकिन नए कृषि कानूनों को निरस्त होने से कम पर समझौता नहीं होगा। सरकार कृषि कानूनों की खामियों पर चर्चा करने की बात करती है, जबकि 11 दौर की वार्ता में सरकार को बार-बार कृषि कानूनों में खामियां गिनाई जा चुकी हैं। तथ्यों के साथ सरकार को कानूनों की कमी बताई गई। इसके बावजूद सरकार समझौता नहीं चाहती। सरकार को किसानों के हितों से कोई मतलब नहीं है। धरने को किसान नेता रतन सिंह सौरोत, स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती, रूपराम तेवतिया, धर्मचंद व राजकुमार सहित अन्य किसान नेताओं ने भी संबोधित किया।

खबरें और भी हैं…



Source link

Advertisement

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here