करनाल: पोल्ट्री फार्म सील करने पहुंचे बैंक कर्मियों के सामने संचालक ने निगला जहर, हालत गंभीर

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उद्यमी ने की जान देने की कोशिश

Poultry Farm owner swallows poison: संदीप ने 2013 में 1.73 करोड़ रुपये का लोन लिया था. क़िस्त जमा न कराने पर साल 2018 से संदीप नोटिस भी दिया गया था.

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    October 16, 2020, 8:45 AM IST

करनाल. जिले के झांझड़ी गांव में खेतों में बने दो पोल्ट्री फार्म को सील करने पहुंचे बैंक कर्मचारियों व पुलिस प्रशासन के सामने पोल्ट्री फार्म के मालिक ने जहरीला पदार्थ निगल कर आत्महत्या (Suicide) करने का प्रयास किया. फिलहाल पोल्ट्री फार्म मालिक का इलाज शहर के निजी अस्पताल (Private Hospital) में चल रहा है, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है. बता दें पोल्ट्री फार्म मालिक ने 2013 में बैंक ऑफ इंडिया (तरावड़ी शाखा) से करीब एक करोड़ 73 लाख का लोन लिया था. लोन न चुकाने पर बैंक कर्मचारी पोल्ट्री फार्म को सील करने के लिए पहुंचे थे.

गांव झांझड़ी निवासी संदीप ने जहरीला प्रदार्थ निगलने से पहले बताया कि उन्होंने अपने करीब 6 करोड़ की प्रॉपर्टी बैंक ऑफ इंडिया तरावड़ी में रखकर पोल्ट्री फार्म के लिए 1.50 करोड़ का लोन लिया था. उनके चाचा के लड़के ने भी इसी बैंक से करीब 20 लाख का लोन लिया है. उन दोनों ने खेतों में दो पोल्ट्री फार्म लगाए हुए है. साल 2015 तक उन्होंने बैंक में लोन की किस्त जमा कराई. इस दौरान मुर्गियों में बीमारी आने के कारण वह बैंक की किस्त नहीं जमा करा पाए. इसके बारे में उन्होंने बैंक अधिकारियों को भी बताया और उस दौरान उन्होंने बैंक में कुछ रुपए भी जमा कराए.

पोल्ट्री फार्म सील करने पहुंचे थे बैंक कर्मचारी
इसके बाद नोटबंदी के कारण उनका पोल्ट्री फार्म का काम ठप हो गया. इस कारण वह लोन की किस्त नहीं चुका पाए. उन्होंने बैंक अधिकारी से बात कर करीब 17 लाख रुपए जमा भी करवाए. अब कोरोना के कारण उनका काम फिर से ठप हो गया. इस बारे में उन्होंने बैंक अधिकारियों से पैसे चुकाने का समय भी मांगा था, लेकिन अब बैंक अधिकारी उनका पोल्ट्री फॉर्म सील करने के लिए पहुंच गए.1.73 करोड़ रुपए का लिया था लोन

संदीप बैंक अधिकारियों से प्रार्थना कर रहे हैं कि 60 लाख रुपए अभी जमा करा देंगे और बाकी की रकम दिसंबर महीने तक जमा करा देंगे, लेकिन बैंक अधिकारी उनकी एक नहीं सुन रहे. पोल्ट्री फार्म को सील करने पहुंचे बैंक अधिकारी कैमरे के सामने बोलने से बचते दिखाई दिए और चंडीगढ़ में उच्च अधिकारियों से बात करने का हवाला दिया. मिली जानकारी के अनुसार, संदीप 2013 में  1 कारोड 73 लाख का लोन लिया था. क़िस्त जमा न कराने पर 2018 से संदीप के पास नोटिस भेजा गया. अदालत के आदेशानुसार प्रॉपर्टी को सील करने के लिए आए थे.





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