ईडी के वरिष्ठ स्पेशल डारेक्टर IPS योगेश गुप्ता का हुआ अचानक तबादला

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तस्वीर-twitter.com/yogeshgupta70

प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी (Enforcement Directorate ) में सबसे वरिष्ठ स्पेशल डाइरेक्टर योगेश गुप्ता (IPS Yogesh Gupta ) का अचानक तबादला कर दिया गया.

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    October 13, 2020, 2:39 PM IST

नई दिल्ली. केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी (Enforcement Directorate ) में सोमवार को एक बड़ा फैसला लिया गया. ईडी में सबसे वरिष्ठ स्पेशल डाइरेक्टर योगेश गुप्ता (IPS Yogesh Gupta ) का अचानक तबादला कर दिया गया जबकि उनकी ईडी में डेपुटेशन की अवधि खत्म होने ही वाली थी.

केरल कैडर के IPS अधिकारी योगेश गुप्ता सेंट्रल डेपुटेशन पर आए थे. एक महीने के बाद उनकी अधिकतम डेपुटेशन की अवधि अपने आप ही खत्म होने वाली थी लेकिन उसके पहले ही अचानक से बड़ा फैसला लेते हुए कोलकाता से सीनियर स्पेशल डाइरेक्टर का तबादला करते हुए ईडी मुख्यालय में एक नए पद पर बुलाया गया है. इस मसले पर अचानक हुई इस कार्रवाई पर कोई भी ईडी अधिकारी बातचीत करने के लिए फिलहाल तैयार नहीं है.

कौन हैं आईपीएस अधिकारी योगेश गुप्ता ?
आईपीएस योगेश गुप्ता 1993 बैच और केरल कैडर के अधिकारी हैं जिन्होंने पिछले करीब सात सालों के अंदर काफी महत्वपूर्ण बड़े तफ्तीश के कार्यों को उनके नेतृत्व में अंजाम दिया गया. पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में वो कार्यरत थे.पश्चिम बंगाल में सारदा चिटफंड , रोजवैली चिटफंड घोटाले सहित कोलकाता से जुड़े कई बड़े जांच से जुड़े मसलों पर कुछ विशेष ऑपरेशन में वो लगे हुए थे लेकिन उनके पद से उन्हें अचानक दिल्ली बुलाना ईडी के किसी अधिकारी को पच नहीं पा रहा है. हालांकि ईडी मुख्यालय इस मसले को काफी गुप्त रही है.

हर्षद मेहता और स्टॉक एक्सचेंज की जांच से चर्चा में आए थे योगेश गुप्ता
योगेश गुप्ता के पूर्व के कार्यों की अगर बात करें तो सीबीआई के मुंबई ब्रांच में भी वो कार्य कर चुके हैं. सीबीआई के बैंक सिक्युरिटी एंड फ़्रॉड सेल में भी वो कार्यरत थे. उसी दौरान उन्होंने देश के बहुचर्चित मामला हर्षद मेहता का शेयर मार्केट कांड , केतन पारिख का स्टॉक एक्सचेंज फर्जीवाड़ा घोटाला , होम फ़्रॉड सिक्युरिटी घोटाला, SBI गोल्ड घोटाला, एयरपोर्ट ऑथोरिटी ऑफ इंडिया से जुड़े घोटाले समेत गुजरात दंगा मामले की तफ्तीश टीम के मुख्य तफ्तीश करने वाली टीम के हिस्सा रह चुके हैं.

ED के सूत्रों के मुताबिक सात साल की अधिकतम अवधि होने वाली है पूरी इसलिए उनको वापस उनके मूल कैडर में भेजा जा रहा है .योगेश गुप्ता दिल्ली मुख्यालय से ही अगले महीने वो अपने मूल कैडर में वापस हो सकते हैं.





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