इस गेम की मदद से खत्म हो सकता है कोरोना वायरस! जानिए कैसे

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दुनियाभर के अरबों लोगों तक कोरोना वायरस वैक्सीन पहुंचाना सबसे बड़ी चुनौती है.

इस समय पूरी दुनिया की नजर सिर्फ इस बात पर है कोरोना वायरस वैक्सीन को तैयार करने के बाद हर एक ​व्यक्ति तक इसे कैसे पहुंचाया है. वैज्ञानिकों के मुताबिक एक ऑनलाइन गेम के आधार पर वैक्सीन mRNA (1) को विकसित कर दुनियाभर में भेजकर ज्यादा से ज्यादा लोगों का कम से कम समय में उनका टीकाकरण किया जा सकता है.

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    October 18, 2020, 7:39 AM IST

वैश्विक स्तर पर फैला कोरोना वायरस (Corona virus) करोड़ों-अरबों लोगों के जी का जंजाल बना हुआ है. सबकी निगाहें वायरस के खिलाफ अलग-अलग देशों में तैयार हो रही वैक्सीन (Vaccine) पर टिकी हुई है. इधर अमेरिका (America) में वैक्सीन mRNA (1) पर बड़ा तथ्य सामने निकलकर आया है. वैज्ञानिकों के मुताबिक एक ऑनलाइन गेम के आधार पर वैक्सीन mRNA (1) को विकसित कर दुनियाभर में भेजकर ज्यादा से ज्यादा लोगों का कम से कम समय में उनका टीकाकरण किया जा सकता है. बता दें कि वैक्सीन mRNA (1) का विगलन (Melting) होने पर उसे तुरंत इस्तेमाल करना पड़ता है, इसलिए बड़े पैमाने पर उसको उपलब्ध कराना ही सबसे बड़ी चुनौती होगी. mRNA (1) का सफर आसान नहीं

माइनस 80 डिग्री सेल्सियस तापमान मेंटेन करना जरूरी
मानव इतिहास में यह पहली बार है जब किसी वायरल बीमारी के खात्मे के लिए इंतजार का इतना बड़ा सफर तय करना पड़ रहा है. इतने बड़े पैमाने पर जल्द से जल्द टीकाकरण की प्रक्रिया को कैसे अंजाम तक पहुंचाया जाएगा यह चिंता का विषय है. इसमें mRNA (1) वैक्सीन की दावेदारी भले ही पेश की जा रही है, लेकिन इस वैक्सीन के जल्द पिघलने के कारण इसे माइनस 80 डिग्री सेल्सियस तक कम के तापमान पर ही संग्रहीत कर दुनियाभर में भेजा जा सकता है जो वैश्विक वातावरण के देखते हुए मुमकिन नहीं है.

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निजी क्षेत्र और अमेरिकी सेना यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बड़े पैमाने पर इसका प्रबंध कैसे किया जाए, लेकिन यह संभावना जताई जा रही है कि ऑनलाइन गेम एटर्ना के जरिए यह काम किया जा सकता है. अपेक्षाकृत नई तकनीक mRNA वैक्सीन आशाजनक हैं क्योंकि इसे जल्दी से बनाया और निर्मित किया जा सकता है, लेकिन यह वैक्सीन बड़े पैमाने पर उपलब्ध कराना मुश्किल है और इस तापमान पर विकासशील देशों में इसका पहुंचाना तो असंभव है क्योंकि एक बार इसका विलगन (Melting) होने पर इसका तुरंत इस्तेमाल करना पड़ता है.

(Photo: Eterna)

इस गेम के जरिए राह हो सकती है आसान
वैज्ञानिकों के मुताबिक इस वैक्सीन के जेनेटिक कोड के जरिए एक स्थायी वैक्सीन बनाई जा सकती है. दरअसल, mRNA की खगोलीय संख्या संभंवत: इस पर काम आएगी, लेकिन mRNA अणुओं का एक समूह विशाल फ्लॉपी की तरह है जिसके टुकड़े कभी-कभी उनके ही विपरित हो जातें हैं और यह इसकी शक्ति खोने का कारण बनते हैं. लेकिन एक एटर्ना नामक गेम (Eterna) के जरिए इस जैव रासायनिक समस्या पर वर्तमान में दुनिया भर के हजारों लोगों द्वारा काम किया जा रहा है.

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वैज्ञानिकों ने दिया नया तर्क
एटर्ना एक पजल गेम है जिसमें न्यूक्लियोटाइड का आधार जोड़े के जोड़कर पहेली को सुलझाने के लिए एक विशेष आकार में आरएनए अणु को मोड़ने की आवश्यकता होती है. इस लॉजिक की मदद से वैज्ञानिक इस वैक्सीन को नया स्वरूप देने की बात कर कर रहे हैं. एक बार एफडीए (यूएसए) से mRNA वैक्सीन पर इस बात की अनुमति मिल जाने पर इस पर काम किया जाएगा. बता दें कि आरएनए चार प्रकार के न्यूक्लियोटाइड से बना होता है. हाल के वर्षों में, एटर्ना के नागरिक विज्ञान में आरएनए डिजाइन के नियमों का खुलासा हुआ था जो रोगों का पता लगाने और जीन थेरेपी के तरीकों में इस्तेमाल किया जा सकता है.





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