आईएएस कपल की पंजाब कैडर में ट्रांसफर की मांग सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल ने दी आंशिक मंजूरी

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चंडीगढ़एक घंटा पहले

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पंजाब सरकार ने भी दोनों आईएएस अधिकारियों को पंजाब कैडर में लेने की इच्छा जाहिर की लेकिन केंद्र सरकार नहीं मानी और दोनों अधिकारियों का ट्रांसफर नागालैंड करने का प्रस्ताव रखा, जिसके लिए दोनों याचिकाकर्ता तैयार नहीं थे। इसके बाद दोनों ने कैट का दरवाजा खटखटाया। 

  • कैट ने केंद्र के पर्सनेल एंड ट्रेनिंग विभाग के साथ उड़ीसा, हरियाणा और पंजाब सरकार को दोनों याचिकाकर्ताओं की पंजाब कैडर में भेजे जाने की मांग पर विचार करने का आदेश दिया है
  • महाराष्ट्र के रहने वाले अजित बालाजी जोशी हरियाणा कैडर से हैं जबकि उनकी पत्नी गौरी पराशर जोशी मूल रूप से हरियाणा निवासी हैं और उनका उड़ीसा कैडर है

चंडीगढ़ के पूर्व डीसी आईएएस ऑफिसर अजित बालाजी जोशी और पंचकूला की पूर्व डीसी उनकी पत्नी गौरी पराशर जोशी ने पंजाब कैडर में ट्रांसफर करने के लिए सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल यानी कि कैट में एक याचिका दायर की थी, जिसपर मंगलवार को कैट ने आंशिक मंजूरी दे दी है।कैट ने केंद्र के पर्सनेल एंड ट्रेनिंग विभाग के साथ उड़ीसा, हरियाणा और पंजाब सरकार को दोनों याचिकाकर्ताओं की पंजाब कैडर में भेजे जाने की मांग पर विचार करने का आदेश दिया है। महाराष्ट्र के रहने वाले अजित बालाजी जोशी हरियाणा कैडर से हैं जबकि उनकी पत्नी गौरी पराशर जोशी मूल रूप से हरियाणा निवासी हैं और उनका उड़ीसा कैडर है।

कैट में दायर याचिका में उन्होंने कहा था कि दोनों का विवाह 28 जून 2010 को हुआ था। इसके बाद 29 जून को गौरी पराशर ने उड़ीसा सरकार से उनका कैडर हरियाणा में ट्रांसफर करने की मांग की थी और उड़ीसा सरकार ने इसके लिए एनओसी दे दी थी। इसके साथ ही उड़ीसा सरकार ने केंद्र सरकार को भी लिखा था कि अगर किसी वजह से गौरी पराशर का हरियाणा कैडर में ट्रांसफर नहीं किया जा सकता तो दोनों पति-पत्नी को पंजाब कैडर में ट्रांसफर कर दिया जाए। इसके बाद दोनों ने 27 अक्टूबर 2010 को केंद्र सरकार को रिप्रेजेंटेशन भी दी थी। लेकिन उड़ीसा सरकार से मंजूरी मिलने के बावजूद केंद्र सरकार ने उनकी मांग को 29 नवंबर 2010 को खारिज कर दिया।

इसके बाद दोनों ने 2011 में फिर से केंद्र सरकार के सामने रिप्रेजेंटेशन दी जिसमें बताया कि अजित बालाजी जोशी को हरियाणा में काम करने का एक्सपीरियंस है। शादी हो जाने के कारण पत्नी का ट्रांसफर करवाना है। इसके बाद हरियाणा और उड़ीसा सरकार ने दोनों की एनओसी भी केंद्र सरकार को भेज दी। वहीं पंजाब सरकार ने भी दोनों आईएएस अधिकारियों को पंजाब कैडर में लेने की इच्छा जाहिर की लेकिन केंद्र सरकार नहीं मानी और दोनों अधिकारियों का ट्रांसफर नागालैंड करने का प्रस्ताव रखा, जिसके लिए दोनों याचिकाकर्ता तैयार नहीं थे। इसके बाद दोनों ने कैट का दरवाजा खटखटाया।



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