आंदोलन का 32वां दिन: किसान 17 दिन बाद फिर सरकार से वार्ता को तैयार, 29 तारीख तय की

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नई दिल्लीएक घंटा पहले

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उचाना (जींद)|खटकड़ टोल प्लाजा के पास पहुंचे पंजाब के किसान धरना देते हुए।

  • किसानों की शर्त- अपने एजेंडे पर बात करेंगे
  • किसानों ने पत्र में लिखा- संशोधन नहीं, कानून रद्द करने पर चर्चा हो, सरकार कल तक दे सकती है जवाब
  • किसान आज ‘मन की बात’ के खिलाफ ताली-थाली बजाएंगे

कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलन कर रहे किसान आखिरकार 17 दिन बाद फिर सरकार से वार्ता करने को तैयार हो गए हैं। किसानों ने सरकार को 29 दिसंबर को 11:00 बजे 7वें दौर की बातचीत का प्रस्ताव भेजा है। साथ ही वार्ता का एजेंडा भी भेजा है। सरकार सोमवार को किसानों से बातचीत पर फैसला ले सकती है। दरअसल, 8 दिसंबर की रात किसानों व सरकार में छठे दौर की वार्ता हुई थी।

उसके बाद से बातचीत का सिलसिला रुका हुआ था। 20 दिसंबर को सरकार ने वार्ता का प्रस्ताव दिया, लेकिन किसानों ने उसमें कुछ नया न होने की बात कहते हुए नामंजूर कर दिया। 24 दिसंबर को सरकार ने फिर से प्रस्ताव भेजा। इस पर संयुक्त मोर्चा के सदस्यों ने शनिवार को कुंडली बॉर्डर पर मीटिंग कर चर्चा की।

किसानों ने निर्णय लिया कि वे सरकार से वार्ता के लिए जाएंगे, लेकिन अपने एजेंडे पर ही बातचीत करेंगे। संयुक्त मोर्चा की तरफ से सरकार को भेजे ई-मेल में लिखा है कि चिठ्ठी में सरकार ने पिछली बैठकों के तथ्यों को छिपा जनता को गुमराह करने की कोशिश की है।

किसान आंदाेलन तेज करने की रणनीति पर भी काम कर रहे हैं। पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के किसानाें के जत्थे दिल्ली की अलग-अलग सीमाओं पर पहुंचे हैं। कई जत्थे रास्ते में हैं। आंदोलन में शामिल होने के लिए पंजाब से 15 हजार किसानों का काफिला संगरूर के खनौरी बॉर्डर से रवाना हुआ है। ये 27 दिसंबर को दिल्ली में प्रवेश करने की तैयारी में हैं।

  • हरियाणा-राजस्थान सीमा पर 2,000 से अधिक किसान इकट्ठा हो गए हैं। यूपी के 2,000 से ज्यादा किसानाें का जत्था गाजीपुर बाॅर्डर पहुंचा। इससे यहां किसानाें की संख्या 15,000 से ज्यादा हाे गई है।
  • गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री शंकरसिंह वाघेला और उनके समर्थक दिल्ली कूच करने पर अहमदाबाद में हिरासत में ले लिए गए।

किसानों ने भेजा वार्ता का एजेंडा

1. कृषि कानूनों में संशोधन नहीं, रद्द करने पर चर्चा हो। 2. किसान आयोग द्वारा सुझाए एमएसपी पर खरीद की कानूनी गारंटी देने के प्रावधान पर चर्चा हो। 3. वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए आयोग अध्यादेश 2020 के दंड वाले प्रावधानों से किसानों को बाहर करने के लिए चर्चा हो। 4. ‘विद्युत संशोधन विधेयक 2020’ के मसौदे में जरूरी बदलाव पर चर्चा हो।

अगले प्लान: 30 को ट्रैक्टर मार्च

  1. हरियाणा में किसानों ने दूसरे दिन शनिवार को भी टोल फ्री रखे। रविवार को भी यह जारी रहेगा।
  2. 27 दिसंबर को पीएम मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम के दौरान ताली-थाली बजाएंगे।
  3. 30 दिसंबर को एक बॉर्डर से दूसरे बॉर्डर की तरफ ट्रैक्टर मार्च निकालेंगे। किसानों ने देशभर के लोगों से अपील की है कि 31 दिसंबर को 1 जनवरी को बॉर्डर पर आकर नया साल मनाएं।

टिकरी बॉर्डर पर एक और किसान की मौत

टिकरी बाॅर्डर पर शनिवार को एक और किसान की हार्ट अटैक से माैत हाे गई। 75 वर्षीय किसान अमरीक सिंह पंजाब के गुरुदासपुर के रहने वाले थे। वह 24 नवंबर को बहादुरगढ़ आए थे। अब तक आंदोलन के दौरान हरियाणा में 24 किसानों की जान जा चुकी है।

अब आरएलपी ने भी एनडीए का साथ छोड़ा

राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के नेता व सांसद हनुमान बेनीवाल ने एनडीए छोड़ने का ऐलान किया है। भाजपा के पूर्व सांसद हरिंदर सिंह खालसा ने पार्टी से इस्तीफा दिया है।

कल 100वीं किसान रेल रवाना करेंगे पीएम

पीएम नरेंद्र मोदी साेमवार काे वीसी के जरिए 100वीं ‘किसान रेल’ को हरी झंडी दिखा रवाना करेंगे। यह कार्गाे ट्रेन महाराष्ट्र के संगोला से पश्चिम बंगाल के शालीमार जाएगी। यह मल्टी-कमोडिटी ट्रेन फूलगोभी, शिमला मिर्च, गोभी, मुनगा, मिर्च और प्याज के साथ ही अंगूर, संतरा, अनार, केला, सेब आदि लेकर जाएगी।



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