अंतिम विदाई: लुधियाना जेल के DSP हरजिंदर का मोहाली में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार, बेटे ने दी मुखाग्नि

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लुधियाना15 मिनट पहले

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मोहाली के श्मशानघाट में पंजाब पुलिस के DSP हरजिंदर सिंह के अंतिम स्ंस्कार के दौरान उपस्थत परिजन और गणमान्य लोग (इनसेट) हरजिंदर सिंह की फाइल फोटो।

पंजाब पुलिस के DSP हरजिंदर सिंह का गुरुवार को मोहाली के श्मशानघाट में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान पंजाब के सेहत मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू , DGP जेल सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय, ADGP जेल प्रदीप कुमार सिन्हा, मेयर अमरजीत सिंह जीती सिद्धू के अलावा पुलिस व प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे। हरजिंदर सिंह के बड़े बेटे गुरनूर सिंह ने मुखाग्नि दी।

इस दौरान हरजिंदर के भाइयों ने कहा कि सिस्टम के काम काज में देरी के कारण उनके भाई की मौत हुई। लेकिन जो उनके भाई के साथ हुआ किसी और के साथ न हो। DSP के बेटे को नौकरी देने, मां को पेंशन व बाकी सुविधाएं देने की मांग की गई।

DGP सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय ने कहा कि पूरा विभाग हरजिंदर सिंह के परिवार के साथ है। विभाग की ओर से पूरा सहयोग किया गया। अब परिवार की जिम्मेदारी हमारी है।

सेहत मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने कहा कि जो भी परिवार की मांगें हैं उन्हें पूरा किया जाएगा। सरकार की ओर से अपनी तरफ से पूरी कोशिश की गई, लेकिन इन्फेक्शन बहुत ज्यादा हो गया।

लुधियाना के सतगुरु प्रताप सिंह अस्पताल में DSP हरजिंंदर सिंह।

लुधियाना के सतगुरु प्रताप सिंह अस्पताल में DSP हरजिंंदर सिंह।

गौरतलब है कि लुधियाना सेंट्रल में DSP के पद पर तैनात हरजिंदर सिंह की बुधवार को लंग्स इन्फेक्शन के चलते मौत हो गई थी। वे ड्यूटी के दौरान् कोरोना पॉजिटिव हुए। हरजिंदर सिंह को 6 अप्रैल को सतगुरु प्रताप सिंह (SPS) अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 21 अप्रैल को उनकी रिपोर्ट निगेटिव आ गई, लेकिन उसके बाद भी उन्हें सांस लेने में तकलीफ थी। ऐसे में 9 मई तक उन्हें ICU में रखा गया।

लंग्स ट्रांसप्लांट के लिए आई थी 80 लाख के खर्चे की बात

हालत में कोई सुधार नहीं आया तो 10 मई को डॉक्टर्स ने बताया कि उनके लंग्स ट्रांसप्लांट कराने होंगे, जिसका खर्च 80 लाख रुपए के करीब है। हर तरफ से आस छोड़ चुकने के बाद उन्होंने पुलिस विभाग में बात की। अधिकारियों ने उनसे डॉक्टर से लिखवाकर लाने के लिए कहा। इसके बाद अधिकारियों ने बताया कि विभाग उनके इलाज के लिए 30 लाख से ज्यादा नहीं दे सकता है। इसी के चलते हरजिंदर सिंह ने कुछ दिन पहले एक वीडियो में सूबे की सरकार से इलाज में मदद की गुहार लगाई थी। अनुमति मिलने के बाद ADGP जेल PK सिन्हा ने कहा था कि हरजिंदर सिंह की जान बचाने के लिए विभाग की और से कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। उन्हें हैदराबाद ले जाकर उनके लंग्स ट्रांसप्लांट कराए जाएंगे, मगर यह इस बात पर निर्धारित करता है कि उनके लिए कितनी जल्दी लंग्स उपलब्ध हो सकता है। उनका लंग्स ट्रांसप्लांट हो पाता, उससे पहले ही उनकी जान चली गई।

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